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मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ (बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंफेकà¥à¤¶à¤¨) कà¥à¤¯à¤¾ है?
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ को कहते हैं। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलेने की वजह से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कई बीमारियों का शिकार हो सकता है। इसमें मेनिनजाइटिस (दिमागी बà¥à¤–ार), इनà¥à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में फोड़ा शामिल है। à¤à¤¾à¤µà¤¾ नà¥à¤¯à¥‚रोसेंटर के नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° अà¤à¤¿à¤¨à¤µ गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ का कहना है कि कई बार मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के आसपास (चारों ओर के आवरण) सूजन हो जाती है और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤–ार होने लगता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ को हम मेनिनजाइटिस या दिमागी बà¥à¤–ार कहते हैं। वहीं, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के टिशà¥à¤¯à¥‚ज (उतà¥à¤¤à¤•ों) में होने वाले सूजन को इनà¥à¤¸à¥‡à¤«à¥‡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहते हैं। इसके अलावा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के टिशà¥à¤¯à¥‚ज टूटने पर जो इंफेकà¥à¤¶à¤¨ पैदा करते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का फोड़ा कहा जाता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ वायरस, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, कवक और फंगस के कारण हो सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का कारण पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤œà¥‹à¤† यानी परजीवी हो सकता है। आइठविसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के बारे में-
कितना सामानà¥à¤¯ है मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कई अलग-अलग कारण होते हैं। इन कारणों के आधार पर ही मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ कितना सामानà¥à¤¯ और खतरनाक है, यह डिसाइड किया जाता है। इसलिठबà¥à¤°à¥‡à¤¨ में किसी तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना ही बेहतर होता है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ कई तरह के होते हैं। इसलिठइसके लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह से नजर आते हैं। इसके लकà¥à¤·à¤£ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की उमà¥à¤°, संकà¥à¤°à¤®à¤£ और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसके साथ-साथ इसकी गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ à¤à¥€ इसी आधार पर आंकी जाती है। गंà¤à¥€à¤° बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ में आपको निमà¥à¤¨ तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं-
सिर में तेज दरà¥à¤¦ होना।
तेज बà¥à¤–ार
उबकाई
उनींदापन (मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तनाव)
गरà¥à¤¦à¤¨ में जकड़न
उलà¥à¤Ÿà¥€
अधिक तेज रोशनी में असहज महसूस करना।
मतिà¤à¥à¤°à¤®
इसके अलावा नवजात शिशà¥à¤“ं में इसके लकà¥à¤·à¤£ अलग होते हैं। नवजात में चिड़चिड़ापन और अधिक नींद आने के लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते है। इसके अलावा शिशॠसही तरीके से फीड नहीं कर पाता है। गोद में लेने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असहजता महसूस होती है। इतना ही नहीं उनके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में संकà¥à¤°à¤®à¤£ बढ़ने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दौरे पड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। गंà¤à¥€à¤° रूप से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कोमा में à¤à¥€ जा सकता है। इसके साथ-साथ चेहरे पर लाल रैशेज होना à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£ होते हैं।
नवजात शिशॠमें सिर पर ‘सॉफà¥à¤Ÿ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¥à¤¸â€™ या धबà¥à¤¬à¥‡ पड़ना à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
बाजà¥à¤“ं और मांसपेशियों में कमजोरी होना।
ये सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में होने वाली किसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ को अनदेखा करने पर यह आपके लिठगंà¤à¥€à¤° हो सकती है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के कारण
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस फैलना इसके सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैà¤à¥¤
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस निमोनिया (Streptococcus pneumonia)
नेइससेरिया मेनिंजाइटिस (Neisseria meningitidis)
मेनिंगोकोकल मेनिंजाइटिस (meningococcal meningitis)
निमोकोकल मेजिंनाइटिस (pneumococcal meningitis)
हेमोफिलस इनफà¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा टाइप बी (Hib) Haemophilus influenza type b (Hib)
लà¥à¤‡à¤¸ इंसेफेलाइटिस (Louis encephalitis)
वेसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨ इंसेफेलाइटिस (western equine)
ईसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨ इंसेफेलाइटिस (eastern equine encephalitis)
ला इंसेफेलाइटिस) (La Crosse encephalitis)
हरà¥à¤ªà¥€à¤¸ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ के वायरस
हरà¥à¤ªà¥€à¤¸ सिंपà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ टाइप 1 और टाइप 2 ((herpes simplex types 1 and 2)
वेरिसेलà¥à¤²à¤¾ जोसà¥à¤Ÿà¤° (varicella zoster)
इपसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‡à¤¨-बार (Epstein-Barr)
इसके अलावा साइटोमेगालोवायरस (cytomegalovirus), à¤à¤• छोटा पोलिओवायरस (poliovirus), रà¥à¤¬à¥‡à¤²à¤¾ वायरस (rubella virus), रेबीज, à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ और जीका वायरस (Zika virus) की वजह से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है।
कैसे किया जाता है मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ का निदान?
अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ तरीकों से ही आप मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता लगा सकते हैं। लेकिन कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• या पारà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤²à¥€ मेनिंजाइटिस और इंसेफेलाइटिस जैसे गंà¤à¥€à¤° और दà¥à¤°à¥à¤²à¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बारे में पता लगाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता लगाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको निमà¥à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ की सलाह देते हैं।
बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ
नाक का टेसà¥à¤Ÿ
यूरिन या रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ सिकà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (respiratory secretions)
मà¥à¤¯à¥à¤•स विशेष कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा अनà¥à¤¯ टेसà¥à¤Ÿ, à¤à¤•à¥à¤¸ रे, सीटी सà¥à¤•ैन और à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ कराने की सलाह à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको दे सकते हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का इलाज (Treatment of Brain Infection)
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाहनà¥à¤¸à¤¾à¤° आप निमà¥à¤¨ तरीके से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का इलाज कराया जाता है-
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ दवाईयां नस के जरिठदी जाती हैं, ताकि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में फैल रहे संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोका जा सके।
इसके अलावा बà¥à¤–ार और सिर दरà¥à¤¦ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› दवाईयां लेने की सलाह देते हैं।
अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से सांस लेने में परेशानी होती है, तो उस मरीज को ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ दी जाती है और उसे अपनी मॉनिटर में लिया जाता है।
उलà¥à¤Ÿà¥€ और उबकाई होने पर उलà¥à¤Ÿà¥€ बंद होने की दवाई दी जाती है।
बैचेनी और चिड़चिड़ापन महसूस होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अनà¥à¤¯ दवाई देते हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का घरेलू उपचार
अगर आपको मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ दिख रहे हैं, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठदिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ का पालन जरूर करें।
इसके अलावा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को ठंडा रखने की दवाईयां दी जाती है। इन दवाईयों को समय पर लें।
अगर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को उलà¥à¤Ÿà¥€ हो जाà¤, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤°à¤‚त à¤à¤• साइड लिटाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से उलà¥à¤Ÿà¥€ रà¥à¤•ने के साथ-साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दौरा नहीं पड़ेगा।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की शिकायत होने पर हैवी à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ से बचें। यह आपकी परेशानी को बढ़ा सकती है। अधिक से अधिक आराम करें।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का बचाव
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाव के लिठहिब (Hib) टीका लगाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। इसलिठसमय पर अपने शिशॠको यह वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ जरूर लगाà¤à¤‚। समय पर वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ आपके बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख सकता है।
इसके अलावा निमोकोककल मेनिंजाइटिस (pneumococcal meningitis) से लड़ने के लिठवैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ à¤à¤• कारगर उपाय है। यह वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ 2 वरà¥à¤· से 65 वरà¥à¤· तक के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को दी जा सकती है। इसलिठइस बैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ को जरूर लें। अधिक आयॠके लोगों को इस वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ की सलाह दी जाती है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ सलाइवा, नाक के मà¥à¤¯à¥à¤•स, बलगम इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ से तेजी से फैलता है। इसलिठकिसिंग (Kissing) या फिर अपनी चीजों को शेयर करने से बचें।
कà¤à¥€ à¤à¥€ किसी बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ पानी की बोतल, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰, दांतों का बà¥à¤°à¤¶, गà¥à¤²à¤¾à¤¸, सिगरेट और लिपसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• जैसी चीजों को शेयर ना करें।
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूरी बनाना आपके लिठसबसे बेहतर होता।
छींकते या खांसते वकà¥à¤¤ मà¥à¤‚ह पर हाथ या कपड़ा रखें।
इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को बूसà¥à¤Ÿ करने वाले आहार का सेवन करें।
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